गणपति विसर्जन करने गए ताे पता चला, 96 घंटे से 40 फीट गहरे सूखे कुएं में पड़ी है भूखी-प्यासी किशोरी

बड़वाह (खरगोन). 96 घंटे 16 वर्षीय किशोरी भूखी-प्यासी 40 फीट गहरे सूखे अंधेरे कुएं में पैर टूटने के बाद भी ने जीने की चाह व हौसले को कायम रखा, जिसके कारण वह वापस अपनाें के पास पहुंच गई। आगरवाड़ा की किशोरी रविवार शाम करीब 5 बजे घर से शौच के लिए निकली थी। किशोरी घर से लगभग एक किमी दूर गुरुवार शाम गणपति विसर्जन करने गए ग्रामीणों को कुएं में मिली। कुएं में गिरने के कारण पैर टूट गया।
असहनीय दर्द के साथ किशोरी कुएं में करीब 96 घंटे तक भूखी-प्यासी ही रही। अंधेरे में जहरीले जानवरों के डर ने सोने भी नहीं दिया। ऊपर से बारिश व ठंड से शरीर भी बुरी कांपता रहा। इतनी कठिनाइयों के बाद भी किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी। गुरुवार शाम 5 बजे ग्रामीण किशोरी को खटिया के सहारे ऊपर लाए। हादसा कैसे हुआ, यह उसे याद नहीं है शाम 6 बजे किशोरी को बड़वाह के शासकीय अस्पताल लाया गया।
ग्रामीण को खटिया के सहारे कुएं में उतारा और किशोरी को बाहर निकाला
गांव के ही एक युवक ने बताया ग्रामीण इसी कुएं में प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं। विसर्जन के दौरान इसमें पानी छोड़ा जाता है। शाम को पानी छोड़ने से पहले यह जांचने के लिए कुएं में पानी है या नहीं, एक पत्थर फेंका जो अंधेरे में बैठी किशोरी को लगा। उसने तेज आवाज लगाई, जिसके बाद गांव के ही एक व्यक्ति को खटिया के साथ नीचे उतारकर किशोरी को ऊपर लाया गया।
मां बोली- शौच के लिए निकली थी
किशोरी की मां ने बताया, वह रविवार शाम घर से शौच के लिए निकली थी। देर रात तक नहीं दिखी तो उसे खोजना शुरू किया। परिजनों ने रात 10 बजे बड़वाह थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उधर, पिता ने जांच की मांग की है।

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