उमंग ने ट्वीट कर जताए अपने इरादे, दिग्विजय से होगी मुलाकात

भोपाल। वन मंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ तीखे तेवर दिखाने के बाद भले ही चौथे दिन चुप्पी साध ली थी, लेकिन बुधवार देर रात उन्होंने वसीम बरेलवी के शेर ‘उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है, जो गर जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है’ ट्वीट कर अपने इरादों को जाहिर करने का प्रयास किया।

इस ट्वीट के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि सिंघार अब सार्वजनिक रूप से कुछ बोलने से बच रहे हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह के समर्थन में बयान देने वाले वयोवृद्ध नेताओं को गंभीरता से लेते नहीं दिखाई दिए।

कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पत्र भेजकर समय मांगने के जिस मुद्दे पर कांग्रेस की अंदरुनी सियासत गरमाई थी, उसके लिए अब वन मंत्री उमंग सिंघार ने सिंह को समय दे दिया है।

शुक्रवार को सुबह दस से मध्यान्ह 12 बजे तक के लिए समय आरक्षित किया गया है। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने मंत्री को छह या आठ से 10 सितंबर के लिए अपनी उपलब्धता बताई थी और समय देने का आग्रह किया था।

सिंघार परजीवी व सुविधाभोगी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा कि वन मंत्री उमंग सिंघार जमुना देवी की विरासत को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे परजीवी व सुविधा भोगी हैं और भाजपा का मोहरा हैं। उन्होंने कहा कि सिंघार ने कभी भाजपा के खिलाफ संघर्ष नहीं किया। उन्होंने शिवराज सिंह के खिलाफ डंपर कांड की लड़ाई में सौदेबाजी कर लड़ाई को कमजोर किया।

मानक ने अपने एक पेज लंबे बयान में उमंग के खिलाफ तीखे आरोप लगाए हैं। एक ट्वीट के माध्यम से मानक अग्रवाल ने कहा कि उमंग सिंघार भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं। उन्होंने मर्यादा तोड़ी है और बड़े नेता के खिलाफ अभद्रता के स्तर की टकराहट दिखाकर भाजपा के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास किया है जो उनके लिए आत्मघाती होगा। दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय का काम किया और सरकार बनवाने में अहम योगदान दिया।

विधायक आरोपों से पीछे हटे

मुरैना और भिंड जिले के विधायकों कमलेश जाटव व रणवीर जाटव ने नईदुनिया से मोबाइल पर चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट पर पुत्र के माध्यम से भ्रष्टाचार के जो आरोप बुधवार को लगाए थे, उनसे वे गुरुवार को पीछे हट गए हैं। नईदुनिया के पास दोनों विधायकों के बयानों की ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।

अब रणवीर जाटव ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि उन्होंने कुछ लोगों की बातों को सही मानकर बयान दिया। उसकी पुष्टि के बिना ही आरोप लगाए दिए थे। उन्होंने इसमें किसी षड्यंत्र के आरोप लगाए।

मंत्री सिलावट पर आरोप लगाने वाले दूसरे विधायक कमलेश जाटव ने भी कहा कि 108 के ड्रायवर का तबादला निरस्त कराने पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा की थी, लेकिन पैसे की कोई बात नहीं की। कमलेश ने यह जरूर कहा कि उस ड्रायवर का काम अभी तक नहीं हुआ है।

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