दिग्विजय पर उमंग के आरोप पर सीएम ने दी चुप रहने की हिदायत

भोपाल। वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा लगातार तीसरे दिन पार्टी के वरिष्ठ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोपों की बौछार जारी रही। सिंघार ने अपने पुराने आरोपों को दोहराने के अलावा दिग्विजय सिंह पर सरकार को ब्लैकमेल करने, शेडो सीएम की भांति करने के नए आरोप जड़े। देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में सिंघार को बुलाकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस विवाद पर नाराजगी जाहिर की है। कमलनाथ ने उन्हें इस मुद्दें पर आगे चुप रहने की हिदायत भी दी।

सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह विवाद पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे खत्म करने की हिदायत दी। सीएम ने यह भी कहा कि अब इस मसले पर कोई भी बात सार्वजनिक तौर पर नहीं की जाएगी। सीएम से मुलाकात के बाद सिंघार बगैर मीडिया से बातचीत किए रवाना हो गए। बाद में उनका मोबाइल भी नेटवर्क से बाहर होने का संदेश बजाता रहा।

तीसरे दिन भी तीखे रहे तेवर

वन मंत्री सिंघार मंगलवार को भोपाल पहुंचे। दिनभर उनके 74 बंगला स्थित सरकारी आवास पर मेला-सा लगा रहा। मीडिया से चर्चा में उन्होंने दिग्विजय सिंह पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ‘शेडो सीएम” के रूप में काम कर रहे हैं। सरकार मुख्यमंत्री कमलनाथ चला रहे हैं मगर सिंह अलग पॉवर सेंटर बनाना चाह रहे हैं। वे नीतियों को बदलवाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाते हैं।

सिंघार ने दोहराया कि सिंह अवैध शराब व अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त हैं। उनके बंगले के बाहर आईएएस-आईपीएस अधिकारी लाइन लगाकर खड़े रहते हैं। भ्रष्ट अधिकारियों को बैठाना चाहते हैं। गोवा में कांग्रेस सरकार गिरने में दिग्विजय सिंह की लापरवाही थी। जगन रेड्डी सरकार भी दिग्विजय सिंह के कारण गिरी। उमंग ने यह आरोप भी लगाया कि वे हिंदुस्तान के हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचता है। सिंह दस साल मुख्यमंत्री रहे। सरकार गई तो दस साल का राजनीतिक संन्यास ले लिया। अब सरकार आई तो मलाई काटने आ गए। सिंघार ने कहा कि उन्हें दिग्विजय सिंह ने 17-18 पत्र लिखे थे, जिनमें से 11 पर कार्रवाई हो गई है। अधिकांश ट्रांसफर पोस्टिंग के हैं।

कमलनाथ से पूछिए, वे ही कुछ कहेंगे: दिग्विजय

वहीं, दूसरी तरफ अपने ऊपर लगे आरोपों पर दिग्विजय सिंह सफाई देने से बच रहे हैं। उन्होंने बस यह भर कहा कि मेरे तो मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ हैं, उनसे ही इस बारे में पूछिए। वे ही कुछ कहेंगे।

समय देने के पत्र हुए वायरल

सिंघार ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में थे और आज दिग्विजय सिंह को मिलने का समय दिया है। मैं उनके इंतजार में बैठा हूं। उनके दिग्विजय सिंह को लिखे गए पत्र और दिग्विजय सिंह द्वारा उनसे छह सितंबर या आठ से दस सितंबर के बीच समय देने संबंधी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

अरुण यादव ने कहा स्थितियां देख कर व्यथित हूं

इधर, दिग्विजय सिंह पर लगे आरोपों पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 15 साल तक ईमानदार पार्टीजनों के साथ किए गए संघर्ष के बाद आठ महीने में जो स्थितियां सामने आ रही हैं, उसे देखकर व्यथित हूं। अगर इन दिनों का आभास पहले ही हो जाता तो शायद जान हथेली पर रखकर जहीरीली भ्रष्ट विचारधारा के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ते। दूसरी तरफ कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने उमंग सिंघार से मुलाकात की। वहीं दिग्विजय समर्थक पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने भी दिन में सिंघार से मुलाकात की।

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