53 बैंक शाखाओं के प्रबंधकों ने 5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने किया मंथन

एसबीआई के क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय में हुई बैंक अधिकारियों की दो दिनी कार्यशाला
बैतूल। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आगामी 5 सालों में भारत को 5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की घोषणा को साकार करने के लिए बैंक अपना योगदान किस तरह से दे सकते हैं, इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक के जिले भर के प्रबंधकों ने 2 दिनों तक विचार मंथन किया। इसके लिए बैंक के क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय सिविल लाइन में कार्यशाला का आयोजन शनिवार और रविवार को किया गया। इसमें एसबीआई की सभी जिले की सभी 53 शाखाओं के प्रबंधक और मुख्य प्रबंधक सहित छिंदवाड़ा के प्रबंधक भी शामिल हुए और अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक हरप्रीतसिंह छाबड़ा के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला में सभी प्रबंधकों के 8 समूह बनाए गए थे। प्रत्येक टीम ने अलग-अलग विषय पर विचार-विमर्श किया और उसमें जो निष्कर्ष सामने आया उसे पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए प्रस्तुत किया। जमीनी स्तर से सुझाव पाने या बैंक की बॉटम-अप कंसल्टेटिव प्रक्रिया के पहले चरण को तैयार करने के लिए यह अपनी तरह की पहली चर्चा थी। परामर्श की इस प्रक्रिया के दौरान एमएसएमई, मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया को प्रभावी बनाने के संबंध में कई सुझाव सामने आए। इनमें अन्य बातों के साथ-साथ वित्तीय समावेशन, कृषि क्षेत्र में संवृद्धि और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के उपायों पर प्रकाश डाला गया। इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य ऋण को बढ़ाने और अंतिम रूप देने के लिए अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को पहचानने, नवाचारों को लाने, बिगडेटा एनालिटिक्स को सक्षम करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने, बैंकिंग को नागरिक केंद्रित करने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों, किसानों, छोटे उद्योगों, उद्यमों, युवाओं, छात्रों और महिलाओं की ज़रुरतों और आकांक्षाओं के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाना था। कार्यशाला में क्षेत्रीय कार्यालय बैतूल के मुख्य प्रबंधक पीजे डुंगडुंग, रूपक मंडल, एसपी मोडवेल, मुख्य प्रबंधक मुलताई बलराम जसूजा, प्रवीण जलतारे पांढुरना, सगुन कुमार छिंदवाड़ा सहित जिले के सभी 53 प्रबंधक मौजूद थे।
वित्त मंत्रालय जाएंगे मिले सुझाव
कार्यक्रम के दौरान जो सुझाव मिले हैं, उन्हें मंडल कार्यालय भोपाल भेजा जाएगा। इसके बाद वहां से यह सुझाव केंद्रीय कार्यालय मुम्बई भेजे जाएंगे। मुम्बई कार्यालय से सर्वश्रेष्ठ सुझावों को वित्त मंत्रालय दिल्ली को भेजा जाएगा। यह परामर्श प्रक्रिया शाखा स्तर तक भागीदारी और उद्देश्यों की नए सिरे से समझ पैदा करने और बैंक को अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए रोड मैप को लागू करने लिए तैयार करने की मंशा का नतीजा है। इससे बैंक खुद को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में लगातार जोड़ते हुए भारत के विकास की भागीदारी वाले अपने लक्ष्य पर चलती रहेगी। देश भर में क्षेत्रीय कार्यालयों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे। अन्य बैंक भी इस तरह की कार्यशाला के आयोजन अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से करेंगे और सुझाव देंगे।

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