ई-टेंडर घोटाले में अब पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के करीबी मुकेश शर्मा से पूछताछ

भोपाल। प्रदेश के बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के करीबी मुकेश शर्मा से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एकबार फिर पूछताछ शुरू कर दी है। मुकेश शर्मा से नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग के टेंडरों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, मिश्रा के दो अन्य करीबियों निर्मल अवस्थी और वीरेंद्र पांडे से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, जिसमें अवस्थी के खिलाफ जल्द ही आय से अधिक संपत्ति का एक अलग से प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। ईओडब्ल्यू अब अवस्थी, पांडे और मुकेश शर्मा को ई-टेंडर घोटाले में एजेंट मानकर चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक ई-टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के करीबियों पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा कसता जा रहा है। मिश्रा के करीबी वीरेंद्र पांडे-निर्मल अवस्थी के बाद अब मुकेश शर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू को साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें लेकर शर्मा को ईओडब्ल्यू द्वारा दो दिन से पूछताछ की जा रही है।
मुकेश शर्मा को करीब एक महीने पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन एक दिन की पूछताछ के बाद वह गायब हो गया था। पांडे और अवस्थी से पूछताछ में मुकेश शर्मा से जुड़ी कुछ जानकारियां मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने फिर दबाव बनाया तो गुरुवार को वह जांच एजेंसी के मुख्यालय पहुंचा था।
सूत्र बताते हैं कि मुकेश शर्मा इंदौर के विजय नगर में रहता है। उनकी प्रेमप्रकाश ट्यूब कंपनी भी है। उसका नाम करीब एक दशक पहले आयकर के एक छापे में भी आया था, जिसमें एक वाहन चालक के लॉकर से करोड़ों रुपए मिले थे।
मुकेश शर्मा के बारे में ईओडब्ल्यू को यह सूत्र हाथ लगे हैं कि उसके नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग के ई-टेंडरों में प्रमुख भूमिका रही है। जिन टेंडरों में छेड़छाड़ की गई, उनमें मुकेश शर्मा की भूमिका को लेकर ईओडब्ल्यू ने कई सवाल रखे हैं, उनके जवाब शर्मा से मांगे जा रहे हैं।
कुछ महीने में करोड़ों की संपत्ति
बताया जाता है कि ईओडब्ल्यू ने पुलिस रिमांड पर लिए गए निर्मल अवस्थी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और मामला दर्ज करने की तैयारी है। ईओडब्ल्यू सूत्र बताते हैं कि अवस्थी की कुछ महीने की सरकारी नौकरी थी। उसकी पत्नी की वकालत से आय बताई गई है।
दोनों की आय को ईओडब्ल्यू ने करीब 10 लाख रुपए मानकर चल रही है, लेकिन अब तक उसकी संपत्ति के जो कागजात मिले हैं वे करीब एक करोड़ से ज्यादा के हैं। वहीं, पूर्व मंत्री के दूसरे करीबी वीरेंद्र पांडे से टेंडरों में गड़बड़ी में शामिल लोगों के बारे में सवाल किए जा रहे हैं। पांडे ने रीवा में करीब नौ एकड़ जमीन खरीदी है, जिसके भुगतान के बारे में ईओडब्ल्यू उससे पूछताछ कर रही है।

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