छह अगस्त से फिर प्रदेश में तेज बारिश के आसार

भोपाल. मानसून की सक्रियता ने राज्य के अधिकांश हिस्से को तरबतर कर दिया है। शुक्रवार को भी सुबह से राज्य का मौसम सुहावना है, आसमान पर बादल छाए हुए हैं और हवाएं चल रही हैं। राजधानी भोपाल में रात से थमे बदरा शुक्रवार को सुबह 11 बजे से फुहारें शुरू हो गई है। जुलाई का कोटा पूरा हो गया है, लेकिन प्रदेश के डैम अब भी खाली हैं। 

मौसम विभाग के अनुसार, एल नीनो का असर कम होने से अच्छी बारिश हो रही है, वहीं आगामी 24 घंटो में राज्य के कई हिस्सों में बारिश का क्रम बने रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश के उत्तरपूर्वी क्षेत्र पर 1.5 से 3.6 किलोमीटर ऊंचाई पर कम दबाव का क्षेत्र अवश्य बना है लेकिन फिलहाल यह काफी ऊंचाई पर है।

अब आगे क्या : तीन चार दिन बाद कुछ स्थानों पर फिर भारी बारिश हो सकती है। दो दिन बाद 4 अगस्त को बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र फिर बन रहा है, उससे मध्यप्रदेश में 6 अगस्त के आसपास पुन: तेज बारिश होने की संभावना है।

भोपाल में आज भी हो सकती है बारिश

राजधानी भोपाल में शुक्रवार रात से थमे बदरा शनिवार को फुहारों में बदल गए। मौसम विभाग के अनुसार, एक बार फिर बादल गरज चमक के साथ अपना असर दिखा रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगरमालवा, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, राजगढ़, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा और सतना जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है।

भोपाल का रात 23.8 पर पहुंचा 

इसी बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में अब बारिश की तीव्रता कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का उफान कम हो रहा है। शुक्रवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री, इंदौर का 22.9 डिग्री, ग्वालियर का 26.2 डिग्री और जबलपुर का 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, गुरुवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 27़ 3 डिग्री, इंदौर का 26 डिग्री, ग्वालियर का 34़ 1 डिग्री और जबलपुर का 27़ 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।


दो साल बाद अगस्त के पहले दिन भीगा शहर 
बीते दो साल से राजधानी में अगस्त का पहला हफ्ता सूखा बीत रहा था, लेकिन इस बार हफ्ते के पहले दिन ही पूरा शहर भीग गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के मुताबिक गुरुवार को सुबह से रात 8:30 बजे तक यहां 28.2 मिलीमीटर (1.11 इंच) बारिश हुई। इस बार परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं, इसलिए मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस पूरे महीने 200 मिमी (7.87 इंच) तक बारिश हो सकती है। 


डैम इसलिए खाली रह गए 
नीमच, खंडवा, सीहोर समेत 9 जिलों में अब तक सामान्य से 21 से 61% तक ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि सीधी, छिंदवाड़ा, बालाघास, पन्ना समेत 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। ग्वालियर, चंबल में भी लगभग यही स्थिति है, इसलिए ज्यादातर डैम अभी भी खाली पड़े हैं। 

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