सागर में बाप ने पहले शूटर से कराई बेटी की हत्या, फिर खुद को मार ली गोली

सागर (ब्यूरो) तिली क्षेत्र के सीमेंट व्यापारी बृजेश उर्फ अजय चौरसिया ने रंजन राय से बेटी की हत्या कराकर खुद को पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वारदात को अंजाम देने से पहले बृजेश ने रंजन से मोबाइल पर बात की कुछ लोग मुझे परेशान कर रहे हैं, मेरी जान को खतरा है, मुझे वेपन उपलब्ध करा दो, रंजन ने कहा था वेपन उपलब्ध करा दूंगा। रंजन पांच दिन से पुलिस गिरफ्त में है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने विश्वविद्यालय के पास से जमीन में गाड़कर छिपाई गई पिस्टल, कारतूस व एक मोबाइल बरामद किया है। एक पिस्टल और मोबाइल बरामद होना बाकी है।

16-17 जुलाई की रात हुए इस चर्चित पिता-पुत्री की पिस्टल की गोली से हुई मौत मामले का बुधवार को एसपी अमित सांघी ने खुलासा किया। उन्होंने आरोपित रंजन के पास से बरामद बृजेश उर्फ अजय के मोबाइल में घटना के पहले दोनों के बीच हुई बातचीत के कुछ अंशों का जिक्र किया। मोबाइल की रिकॉर्डिंग की जांच वॉइस लैब से कराई जाएगी। पुलिस ने बंगाल के दुर्गापुर से आरोपित रंजन राय के पास से एक मोबाइल और 86 हजार रुपए बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को पुलिस अभी भी पेचीदा मान रही है।

एसपी सांघी ने बताया मृतक बृजेश उर्फ अजय पर करीब ढाई करोड़ रुपए का कर्ज था। जिन लोगों से उसने कर्ज लिया था वे उसे परेशान कर रहे थे। इसलिए उसने परिवार सहित खात्मे की योजना बनाकर पुराने दोस्त रहे रंजन राय से मोबाइल पर संपर्क कर पिस्टल कारतूस उपलब्ध कराने को कहा था। रंजन गोंदिया में इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ कर दूसरे काम करने लगा था।

14 जुलाई को सागर आया था रंजन 

रंजन राय बिहार के जमुई से हथियार खरीदकर ट्रेन से सागर आया था। उसे तीन दिन मृतक बृजेश नेे अपने कार्यालय के उपर वाले कमरे में ठहराया था। 15 जुलाई को घटना स्थल दिखाया, जहां दुश्मन को खत्म करना था। दो अन्य स्थानों पर बृजेश और रंजन ने पिस्टल से टेस्ट फायर किए। 16 को बृजेश बोला आज काम करना है। आरोपित रंजन ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि एक पिस्टल और कुछ कारतूस मैंने तथा एक पिस्टल और कारतूस मृतक बृजेश ने रख लिए थे।

दो महिलाओं का गोली मारना है रंजन राय को मोटर साइकिल उपलब्ध कराने के बाद बृजेश ने पत्नी राधा व बेटी महिमा को घर से सॉफ्ट ड्रिंक में नशीली दवा घोलकर पिलाई और कार से पथरिया जाट सड़क पर ले गया। आरटीओ ऑफिस के आगे कार को सड़क किनारे खड़ी कर दी। वारदात को अंजाम देने के लिए बृजेश ने कार से बाहर आकर रंजन को मोबाइल कर बुलाकर कहा कुछ दूर पर खड़ी कार में दो महिलाएं बैठी हैं, उन्हें गोली मारना है। रंजन कार के पास पहुंचा उसने ड्राइविंग सीट के बाजू वाली सीट पर बैठी युवती को कनपटी पर गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर पीछे की सीट पर बैठी महिला नहीं उठी, वहां से निकल रहे वाहनों को देख रंजन घबराकर बृजेश के पास आया और पिस्टल दे दी। बृजेश ने रंजन को दो-दो हजार रुपए के 45 नोट दिए और कहने लगा देखकर आता हूं काम हो गया बाद में आकर हथियार और अन्य सामान ठिकाने लगा दूंगा।

बारबार कॉल कर रहा था रंजन 

बृजेश कार में बैठी पत्नी व बेटी को देखने गया, लेकिन लौट कर नहीं आया तो रंजन ने उसे दो-तीन बार कॉल किया पर रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद रंजन कार के पास गया, वहां ड्राइविंग सीट पर बृजेश की कनपटी पर गोली लगी देखी। घटना देखकर रंजन घबरा गया। कार का दरवाजा खोलने पर पिस्टल और मैगजीन जमीन पर गिर गई। रंजन ने पिस्टल व मैगजीन नीले रंग के थैले में रखी और विवि के जंगल मेें ले जाकर जमीन में गाड़ दी। रंजन मोटर साइकिल बृजेश के आफिस के सामने खड़ी कर रेलवे स्टेशन आया वहां से दुर्गापुर चला गया।

टीम बिहार रवाना

एसपी ने बताया घटना में उपयोग की गई पिस्टल व कारतूस आरोपित रंजन राय से आशू सिन्हा की मदद से जमुई के आर्म्स डीलर से खरीदे थे। टीम को बिहार रवाना कर दिया है। वहां से डीलर की गिरफ्तारी करेंगे। आरोपित की निशानदेही पर विवि के जंगल से बरामद पिस्टल एफएसएल लैब जांच के लिए भेज दी है। जिससे यह खुलासा होगा कि हत्या और आत्महत्या करने में एक ही पिस्टल या अलग-अलग पिस्टल उपयोग की गई।

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