कमलनाथ के मंत्री ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए ली बैठक, बोले- समस्या है तो सीधे मुझे बताएं

भोपाल (ब्यूरो)। वन विभाग में बगावत की आग सुलगते ही मंत्री उमंग सिंघार डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। आईएफएस एसोसिएशन की खुली चुनौती के बाद मंत्री ने मैदानी स्तर पर सबसे कमजोर कड़ी डीएफओ (वनमंडल अधिकारी) की मंगलवार को विभाग के गेस्ट हाउस में बैठक बुलाई। इसमें डीएफओ से वन-टू-वन बात की। वन बल प्रमुख जेके मोहंती सहित वरिष्ठ अधिकारियों को इसमें शामिल होने की इजाजत नहीं थी। अफसरों का कहना है कि ऐसा विभाग में पहली बार हुआ है।
पौधारोपण मामले में बैतूल उत्तर वनमंडल के वर्तमान और पूर्व डीएफओ को हटाने, पन्ना टाइगर रिजर्व में पेड़ कटाई मामले में फील्ड डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने, खनन मामले में पूर्व मंत्री को नोटिस देने सहित अन्य मामलों में मैदानी अफसरों पर कसते शिकंजे से नाराज आईएफएस एसोसिएशन खुलकर मैदान में उतर आई है।
30 जुलाई को एसोसिएशन की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होनी थी। इसे देखते हुए डीएफओ की बैठक बुलाई गई थी। सूत्र बताते हैं कि बैठक में मंत्री ने सैटेलाइट से जंगलों की रखवाली के लिए बनाई जा रही योजना पर वन मंडल अधिकारियों से बारी-बारी से चर्चा की। इस दौरान उनसे यह भी पूछा कि मैदानी पदस्थापना में उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं आ रही। उन्होंने इन अफसरों को भरोसा दिलाया कि हम साथ हैं। मंत्री ने साफ कहा कि कोई समस्या हो तो सीधे मुझे बताएं और नियमों-कायदों में रहकर बेहतर से बेहतर काम करें।
माहौल बनते ही बिगड़ गया
सूत्र बताते हैं कि मंत्री के साथ बैठक में मौजूद डीएफओ आपसी चर्चा के बाद सहज हो रहे थे। तभी व्हाट्सएप पर धड़ाधड़ डीएफओ के तबादला आदेश आना शुरू हो गए, जिन्हें देख डीएफओ आपस में एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे, लेकिन मंत्री सामने होने के कारण कोई आवाज नहीं उठी।

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