अब नरोत्तम मिश्रा ने कहा- खेल कांग्रेस ने शुरू किया, खत्म हम करेंगे

भोपाल। बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री कमलनाथ के मास्टर स्ट्रोक के बाद भाजपा में भोपाल से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि खेल कांग्रेस ने शुरू किया है खत्म हम करेंगे। वहीं जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि खेल तो सदन में कल ही खत्म हो गया। संविधान विशेषज्ञों का कल सदन के पूरे घटनाक्रम पर कहना है कि न ही अभी दलबदल जैसी कोई स्थिति है और न ही इनकी सदस्यता पर कोई खतरा है।  

दरअसल, नारायण त्रिपाठी की घर वापसी की स्क्रिप्ट 28 जून को दिल्ली में लिखी गई थी, जबकि कौल इसी दौरान सीएम के सीधे संपर्क में थे। मुख्यमंत्री 26 से 28 जून तक दिल्ली में थे। त्रिपाठी 2015 के उपचुनाव में जीते, लेकिन भाजपा ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया था। यही पीड़ा उन्होंने कमलनाथ को बताई। नाथ ने सम्मान देने का आश्वासन दिया। वहीं शरद के पिता जुगलाल कांग्रेस कमेटी में सचिव हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। चर्चा यह भी है कि भाजपा के चार और विधायक सीएम कमलनाथ के संपर्क में हैं।

इधर भाजपा इस घटनाक्रम के बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसकी जानकारी ली है। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे का कहना है कि अभी अलार्मिंग स्थिति नहीं है, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह पूरे मामले को देख रहे हैं। 

दिल्ली से देर रात राकेश सिंह भोपाल पहुंच गए और तुरंत शिवराज सिंह के घर गए। करीब आधे घंटे तक दोनों के बीच पूरे घटनाक्रम पर बात हुई। इसके बाद राकेश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भार्गव को पार्टी कार्यालय बुलाया। इसी दौरान शिवराज सिंह और नरोत्तम मिश्रा भी पहुंचे। देर रात राकेश सिंह ने गोपाल भार्गव से बात की। बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर भार्गव की बयानबाजी को संगठन ने गलत माना है।  साथ ही भविष्य में एहतियात बरतने की सलाह दी है। 

नेता प्रतिपक्ष से नाराजगीपार्टी सूत्रों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष की कार्यशैली को लेकर कुछ विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से शिकायत की है। पार्टी अब इन सब पक्षों पर विचार करेगी। 

त्रिपाठी और कौल की सुरक्षा बढ़ाईकांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के बाद भाजपा के दोनों विधायक त्रिपाठी और कौल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विधानसभा से यह दोनों विधायक आरिफ मसूद के साथ सीधे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के आवास पर पहुंचे। इसके बाद दोनों विधायक मसूद के घर पर डिनर में शामिल हुए। मसूद और त्रिपाठी पुराने समाजवादी रहे हैं, इसलिए मसूद की भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका रही। डिनर में नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह और ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह प्रमुख रूप से शामिल हुए।

त्रिपाठी चार बार के विधायक नारायण त्रिपाठी 2003 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने। 2008 में हार गए। 2009 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी कांग्रेस में लेकर आए। 2013 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। 2015 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा के हो गए। फरवरी 2016 में मैहर से उपचुनाव में जीते। 2018 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। 

कांग्रेसी पृष्ठभूमि के ही हैं कौल शरद कौल की पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है। वे यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे हैं। उनके पिता जुगलाल कौल अभी भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं। शरद ने 2018 के विधानसभा चुनाव में ब्यौहारी विधानसभा से टिकट मांगा था, लेकिन कांग्रेस ने सिटिंग एमएलए रामपाल सिंह को टिकट दिया। इस पर उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। 

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