अगर गुरुवार को गिर गई कुमारस्वामी की सरकार, तो कांग्रेस के लिए होगा एक बड़ा झटका

नई दिल्ली: इस गुरुवार को कर्नाटक में चल रहे नाटक का एक अध्याय पूरा हो जाएगा कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को उस दिन विश्वासमत हासिल करना है. जिसको लेकर वह काफी आश्वस्त दिखे. कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने बिज़नेस एडवाइजरी समिति की करीब एक घण्टे चली बैठक के बाद घोषणा की कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी वृहस्पतिवार 11 बजे विश्वासमत हासिल करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विश्वासमत हासिल करने की पहल की थी. उन्हें गुरुवार को 11 बजे विश्वासमत हासिल करने का समय दिया गया है. इससे पहले बीजेपी ने कुमारस्वामी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता  बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के लिए कहा था. हम ‘विश्वास मत’ की बात क्यों करें जब हमें उनकी सरकार में भरोसा ही नही हैं. फिलहालज जो सूरत है, उसमें सरकार संकट में है. 

क्या है विधानसभा का समीकरण
225 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में 16 विधायक इस्तीफ़ा दे चुके हैं.  इन्हें हटाने से विधानसभा की संख्या 209 पर आ टिकती है यानी तब  बहुमत के लिए 105 विधायक चाहिए.  बीजेपी के पास 105 विधायकों के अलावा 2 निर्दलीय हैं जो मिलाकर कुल 107 विधायक हो जाते हैं. जबकि जेडीएस कांग्रेस के पास स्पीकर को छोड़कर 101 विधायक विधायक होंगे. जोड़ तोड़ की कोशिश सरकार बचाने और गिराने के लिए दोनों तरफ से चल रही है.

तो कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका
गुरुवार को अगर कर्नाटक सरकार गिरती है तो कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योंकि लोकसभा चुनाव में मिली हार से पार्टी पहले ही पस्त है और इसी बीच एक और सत्ता जाने पर पार्टी के लिए बड़ी रणनीतिक हार होगी. इसके साथ ही गठबंधन की राजनीति पर भी सवाल उठ जाएगा क्योंकि उत्तर प्रदेश में पहले ही सपा-बसपा करारी हार के बाद अलग-अलग हो गए हैं.

कुमारस्वामी सरकार को मिली ऑक्सीजन
कुमारस्वामी सरकार का भविष्य अब गुरुवार को तय होगा. विश्वासमत जीतने के लिए जो नम्बर चाहिए वो उनके साथ फिलहाल नहीं दिख रहे. लेकिन पहले सुप्रीम कोर्ट और अब स्पीकर के फैसले से मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को थोड़ा वक्त और मिल गया जो इस नाज़ुक घड़ी में उनके लिए ऑक्सीजन से कम नहीं है.

रोशन बेग हिरासत में
कांग्रेस से निलंबित चल रहे विधायक रोशन बेग़ को कल रात बेंगलुरु एयरपोर्ट से स्पेशल टास्क फ़ोर्स ने हिरासत में ले लिया है। उन्हें IMA  घोटाले को लेकर हिरासत में लिया गया है. SIT के मुताबिक रोशन बेग़ चार्टर्ड फ़्लाइट से कहीं जा रहे थे. उनसे पूछताछ की जा रही है. IMA मामले की जांच कर रही SIT ने उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए समन किया था. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि जब रोशन बेग़ को हिरासत में लिया गया उस समय येदियुरप्पा के पीए संतोष भी साथ थे लेकिन वो वहां भागने में सफल रहे. कुमारस्वामी ने ये भी ट्वीट किया है कि बेग़ को हिरासत में लेने के समय बीजेपी के विधायक योगेश्वर भी वहां मौजूद थे और वो उन्हें भागने में मदद कर रहे थे. कुमारस्वामी के आरोप का जवाब कर्नाटक बीजेपी ने दिया है.

कर्नाटक बीजेपी का भी जवाब
कर्नाटक बीजेपी की ओर ट्वीट किया गया है कि रोशन बेग़ के साथ येदियुरप्पा के पीए संतोष के साथ होने की बात ग़लत है.  जिस समय एसआईटी ने बेग को हिरासत में लिया उस समय बीजेपी के विधायक योगेश्वर भी वहां मौजूद थे. यह बेहद शर्मनाक है कि बीजेपी पूर्व मंत्री को बेंगलुरु से भगाने में मदद कर रही थी. यह साफ करता है आखिर किस तरह से बीजेपी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को तोड़ने की कोशिशें कर रही है. वहीं, कुमारस्वामी द्वारा बीजेपी पर लगाए गए आरोपों का कर्नाटक बीजेपी ने जवाब दिया. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि यह पूरी तरह से गलत है कि येदियुरप्पा के पीए संतोष बेग के साथ थे.  सीएम कुमारस्वामी पूरी तरह से अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. हम बताना चाहते हैं बेग अगले सफर कर रहे थे, उनके साथ कोई औऱ दूसरा पैसेंजर नहीं था. हम मांग करते हैं कि बोर्डिंग पास और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर रखा जाए.

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