गोवा से चले मानसून और ऑल इज वेल संदेश के बीच गरमाती सियासत

भोपाल। सोशल मीडिया पर यह संदेश चटखारे के साथ आगे भेजा जा रहा है कि गोवा के समुद्री तट से उठा मानसून कर्नाटक होते हुए मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इस संदेश को भाजपा के तेजतर्रार नेता नरोत्तम मिश्रा का यह बयान ताकत देता है कि कर्नाटक और गोवा के बाद मध्य प्रदेश का मौसम बदलने वाला है। यह बयान ऐसे समय आया, जब कांग्रेस यह साबित करने में आसमान-पाताल एक किए हुए हैं कि मौसम चाहे जितना बदल जाए, उसके अपने और समर्थक विधायक एक छतरी के नीचे हैं। मप्र कांग्रेस के क्षत्रप ज्योतिरादित्य सिंधिया का गुरुवार को भोपाल दौरा, दिनभर राजनीतिक व्यस्तता, डिनर डिप्लोमेसी का मकसद यह संदेश देना था कि सूबे में सत्ता और संगठन में ‘ऑल इस वेल” वाले हालात हैं। इस घटनाक्रम ने सूबे की सियासत को गरमा दिया है।

भाजपा की ओर से कर्नाटक और गोवा के मौसम की बात करने के लिए काफी हद तक कांग्रेस ही जिम्मेदार है। सूबे में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने में भाजपा कामयाब रही। कमलनाथ सरकार के गठन से लेकर लोकसभा चुनाव के परिणाम तक भाजपा के नेता खम ठोककर दावा करते रहे हैं कि कांग्रेस सरकार ज्यादा दिन की मेहमान नहीं है। कर्नाटक और गोवा के ऑपरेशन के बाद भाजपा नेताओं का जोश परवान चढ़ने लगा है। इसके विपरित कांग्रेस ने मानसून पूर्व की बचाव तैयारियों के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।

विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ का कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों से सदन में उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह इस आशंका के साथ करना कि कभी भी फ्लोर टेस्ट हो सकता है। इसके बाद मंत्रियों से भी कहा गया कि किसी विधायक को नाराज न किया जाए। सिंधिया का भोपाल में ‘पॉवर शो” भी इसी कड़ी का अगला कदम था। वे दिनभर अपने समर्थक विधायकों-मंत्रियों से घिरे रहे। कमलनाथ से दो-तीन बार मिले। गोपनीय चर्चा भी हुई। उनके समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट के बंगले में ‘पॉवर पार्टी” का आयोजन कांग्रेस की गुटीय एकता का प्रदर्शन थी।

सिंधिया ने कमलनाथ सरकार को मजबूत सरकार बताते हुए कहा कि भाजपा के सरकार गिराने के मंसूबे कभी पूरे नहीं हो पाएंगे। एक तरह से उनकी भोपाल यात्रा सूबे में कांग्रेस पार्टी और सरकार के लिए ‘ऑल इस वेल” का संदेश देने वाली रही। हालांकि मंत्री के बंगले पर हुए रात्रि भोज में कांग्रेस के दिग्गज दिग्विजय सिंह और अजय सिंह की गैरमौजूदगी इस संदेश की हवा निकालने वाली भी रही।

क्यों कहना पड़ रहासब ठीक है

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा सवाल उठाते हैं कि आखिर कांग्रेस को बार-बार यह क्यों कहना पड़ रहा है कि सब ठीक है। ये बेचैनी क्यों हैं? क्यों बार-बार यह कह रहे हैं कि हमारी सरकार पांच साल चलेगी। इस पर सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह दावा करते हैं कि कमलनाथ सरकार मजबूत है। पूरे पांच साल चलेगी। उनकी भाजपा को चुनौती है कि चाहे तो फ्लोर टेस्ट करा लें। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।

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