एप से ही होगी शहरों, गांवों में बिजली मीटर रीडिंग

दिसंबर तक पूर्ण मीटरीकरण की दिशा में तेजी से काम कर रही मप्रपक्षेविविकं

31 जुलाई के बाद डायरी से पूरी तरह बंद हो जाएगा कामकाज

इंदौर। बिजली मीटरों की शत प्रतिशत रीडिंग के साथ ही गांवों में जहां मीटर नहीं हैं वहां मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा हैं। कंपनी की मौजूदा तैयारी के हिसाब से दिसंबर तक पूरी मप्रपक्षेविविकं मीटरीकृत हो जाएगी। अभी कंपनी क्षेत्र के सभी 110 शहरों में मीटर लगे हैं, साथ ही पांच हजार गांवों में भी बिजली मीटर लगे हैं, शेष में मीटर लगाने का काम चल रहा हैं।

यह बात मप्रपक्षेविविकं मुख्यालय में आयोजित बैठक में प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने कही। श्री नरवाल ने सभी 15 अधीक्षण यंत्रियों को निर्देश दिए कि काम भले ही एक दो दिन बाद हो, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं करे। उन्होंने महू, आगर के इंजीनियरों के लंबित काम पर नाखुशी जताई व तेजी से काम करने को कहा। श्री नरवाल ने प्रत्येक जिले की मीटरिंग का काम सुधारने एवं डेटलाइन पर गंभीरतापूर्वक सतत काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्चदाब उपभोक्ताओं की बकाया राशि प्रतिदिन कम होना चाहिए, यदि रकम जमा नहीं हो तो नोटिस देने के बाद कनेक्शन विच्छेद करे। गांवों व शहरों में हाई लास फीडर की सूची बनाए एवं लास कम करने की योजना पर काम किय़ा जाए। श्री नरवाल ने प्रत्येक सर्कल से कम से कम एक डिविजन से किसानों का अंशदान(एफआरटी) सौ फीसदी वसूलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीटर रीडिंग एप से ही हो, चाहे व गांव हो या शहर। डायरी का काम 31 जुलाई से पूरी तरह बंद हो। फोटो मीटर रीडिंग की गुणवत्ता में भी और इजाफा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हमें बिलों में त्रुटियों की संख्या सतत कम करना हैं इसलिए जहां भी रीडिंग में पिछले माह की तुलना में 10 फीसदी की कमी और 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो, वहां इंजीनियर स्वयं जांच करे। इस मौके पर डायरेक्टर श्री मनोज झंवर, वरिष्ठ अधिकारी एसएल करवड़िया, पुनीत दुबे, आरएस खत्री आदि ने भी विचार रखें।

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