दिल्ली की सख्ती घटा सकती है आकाश विजयवर्गीय का राजनीतिक कद

इंदौर। विधायक आकाश विजयवर्गीय के बल्ला कांड पर प्रधानमंत्री की नाराजगी के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अफसर को बल्ला मारने के बाद आकाश राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गए थे। उनकी गिरफ्तारी से रिहाई तक के घटनाक्रम में उनके समर्थकों ने अपनी ताकत दिखाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। माना जा रहा था कि इस ‘बल्लेबाजी’ से आकाश की छवि एक आक्रमक नेता के रूप में बदली है। उनके समर्थकों ने ‘मैं भी बल्लेबाज’ अभियान सोशल मीडिया पर छेड़ दिया था।

संसदीय समिति की बैठक में जब मोदी नाराज हुए तो इस अभियान पर भी ब्रेक लग गया। प्रधानमंत्री ने नगर इकाई पर भी कार्रवाई करने के लिए कहा है। ऐसे में इसका असर विजयवर्गीय गुट पर पड़ना तय है क्योंकि आकाश के पिता और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बड़े कद के नेता हैं।

इस कारण उनका स्थानीय संगठन में दूसरे नेताओं की अपेक्षा अलग ही प्रभाव है। ऐसे में आकाश की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पदाधिकारियों ने भी धरना देने का फैसला लेने में देर नहीं की। भविष्य में इस तरह के घटनाक्रम होने पर अब संगठन भी फूंक-फूंक कर कदम रखेगा। पश्चिम बंगाल में ज्यादा सीटें जीतने के बाद जब विजयवर्गीय पहली बार इंदौर आए थे तो उनके स्वागत में स्थानीय संगठन ने भी पूरा जोर लगाया था, लेकिन अब नोटिस प्रकरण के बाद राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

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