आरएसएस मानहानि केस में 15 हजार के मुचलके पर राहुल गांधी को मिली जमानत

मुंबई। गौरी लंकेश हत्याकांड को संघ और भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है। मुंबई की कोर्ट ने राहुल गांधी को इस मामले में जमानत दे दी है। खबरों के अनुसार कोर्ट में उन्होंने खुद को निर्दोष करार दिया जिसके बाद उन्हें 15,000 मुचलके पर रिहा कर दिया है।

कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश हुए राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष करार देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी।

जमानत के बाद बाहर आए राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरी लड़ाई विचारधारा की है। मैं गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ खड़ा हूं। आक्रमण हो रहा है मजा आ रहा है। मेरी लड़ाई जारी रहेगी और जोरों से जारी रहेगी। मैं जैसे पिछले पांच साल में लड़ा उससे 10 गुना ज्यादा ताकत से लड़ूंगा।

अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर कहा कि जो कुछ कहना था कल मैंने कह दिया है।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को कथित तौर पर आरएसएस-भाजपा की विचारधारा से जोड़ा था। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिए संघ को दोषी ठहराने के आरोप में राहुल गांधी पर पड़ोसी ठाणे जिले के भिवंडी में एक और मानहानि का मुकदमा चल रहा है।

दरअसल, वकील और आरएसएस कार्यकर्ता धु्रतिमान जोशी की निजी शिकायत पर मझगांव महानगरीय मजिस्ट्रेट की अदालत ने फरवरी में राहुल गांधी और मार्क्सवादी नेता सीताराम येचुरी को समन जारी किया था। जोशी ने 2017 में राहुल गांधी, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। निजी शिकायत में कोर्ट से पुलिस को इस पूरे मामले की जांच करने का आदेश देने का निवेदन किया गया था।

जोशी ने आरोप लगाया था कि सितंबर 2017 में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के 24 घंटे बाद ही राहुल गांधी ने मीडिया से कहा था जो कोई भी भाजपा और RSS की विचारधारा के खिलाफ बोलता है, उसे दबाया जाता है, पीटा जाता है, उस पर हमला किया जाता है और यहां तक की उसकी हत्या कर दी जाती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि येचुरी ने कहा था कि RSS की विचारधारा और आरएसएस के लोग थे, जिन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की है, क्योंकि वह दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना करती थीं। इस मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी और येचुरी के खिलाफ तो समन जारी किया था, लेकिन सोनिया गांधी और माकपा के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि किसी व्यक्ति द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए पार्टी को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।

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