मंत्री ने मांगा था तहसीलदार के निलंबन का प्रस्ताव, कलेक्टर बोले- मेरे पास इसका आधार नहीं

भोपाल। परिवहन व राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दो दिन पूर्व मंगलवार को दिए अपने निर्देश में नरमी नहीं दिखाई तो प्रदेश में तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर जा सकते हैं। ऐसा हुआ तो किसान और आम जनता से जुड़े कई काम रुक जाएंगे। लोगों को परेशान होना पड़ेगा। मामला सीहोर तहसीलदार सुधीर कुशवाह को निलंबित करने के निर्देश से जुड़ा है। हालांकि तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की हड़ताल पर जाने की चेतावनी के बाद दूसरे दिन बुधवार शाम तक मंत्री के निर्देश पर कुशवाह को निलंबित नहीं किया जा सका है। वहीं सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता का कहना है कि उनके पास तहसीलदार को निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
असल में मंगलवार को परिवहन व राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सीहोर पहुंचे थे। तहसील कार्यायल पहुंचकर मंत्री ने तहसीलदार के काम की पड़ताल की थी। मंत्री की तरफ से बताया गया कि काम में भारी अनियमितता व गड़बड़ी है, लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इस पर मंत्री ने तहसीलदार सुधीर कुशवाह को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मंत्री की इस कार्रवाई पर मप्र राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि निलंबन का आदेश मिलते ही काम बंद कर देंगे। राजस्व अधिकारी कर्मचारी संघ ने मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री, सीहोर प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि मंत्री गोविंद सिंह ने शिकवा-शिकायतों के आधार पर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की बात कही है। तहसीलदार पद की गरिमा के खिलाफ भी कुछ बातें कही हैं, जिससे तहसीलदारों के मान सम्मान को ठेस पहुंची है।
कलेक्टरः मेरे पास तहसीलदार के निलंबन का अधिकार नहीं
बता दें कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कलेक्टर अजय गुप्ता को निर्देश दिए थे कि तहसीलदार सुधीर कुशवाह को निलंबित किया जाए। जब मंत्री द्वारा दिए गए आदेश को लेकर नवदुनिया ने बुधवार को कलेक्टर अजय गुप्ता से बात की तो उन्होंने तहसीलदार के निलंबन से जुड़े अधिकार उनके पास नहीं होने की बात कही। वहीं मामले में तहसीलदार सुधीर कुशवाह का कहना है कि अब मैं इस संबंध में कुछ नहीं कहूंगा, क्योंकि पूरा मामला राजस्व अधिकारी संघ के पास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *