256 ग्रामों के लिए 370 करोड़ की समूह नलजल योजनाएं तैयार, बजट का इंतजार

बैतूल। बूंद-बूंद पानी के लिए तपती दोपहरी में जद्दोजहद करने वाली मुलताई एवं प्रभात पट्टन विकासखंड की महिलाओं सहित ग्रामीणजनों के लिए यह राहत पहुंचाने वाली खबर है। मुलताई विधायक एवं म.प्र. के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे के विशेष प्रयासों से उक्त दोनों विकासखंडों के 256 ग्रामों में घर-घर पेयजल सप्लाई के लिए 370 करोड़ रुपए की दो समूह नलजल योजनाएं तैयार की गई है। दोनों समूह नलजल योजनाओं की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए बस बजट का इंतजार है। पीएचई मंत्री श्री पांसे ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से दोनों समूह नजल योजना के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की मांग की गई है। पीएचई विभाग को राशि मिलते ही ऐतिहासिक समूह नलजल योजनाओं को मूर्तरूप दिया जाएगा। दोनों योजनाओं से मुलताई एवं प्रभात पट्टन विकासखंड के 2 लाख 70 हजार ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
पानी के लिए परेशान महिलाएं
जिले की मुलताई विधानसभा के मुलताई और प्रभातपट्टन विकासखंड में लगातार गिर रहे भूजल स्तर के कारण प्रत्येक वर्ष विधानसभा के लगभग सभी ग्रामो में जल संकट की स्थिति बनती है। इन दोनों विकासखंड में अब 1000 फीट के बोर करना आम बात हो गयी है फिर भी पर्याप्त मात्रा में पेयजलापूर्ति नही हो पाती है। इन दोनों विकासखंड की ग्रामीण जनता प्रत्येक वर्ष पेयजल के लिए अत्यधिक परेशान होती है। विशेष तौर कई ग्रामीण महिलाएं और कन्याए घर से दूर दूर पैदल जाकर पानी लाती है। अपने विधानसभा क्षेत्र की सबसे विकराल समस्या के स्थायी निराकरण के लिए माननीय मंत्री सुखदेव पांसे ने अपने विभाग पी एच ई के उच्च अधिकारियों को अपनी पहली ही बैठक में निर्देशित किया था। मंत्री के निर्देशों के उपरांत मुलताई विधानसभा के सभी ग्रामो के प्रत्येक घर मे नल से स्वच्छ और प्रयाप्त जल उपलब्ध कराने हेतु योजना निर्माण हेतु जल निगम मर्यादित के द्वारा सर्वे कराया गया। सर्वे के उपरांत वर्धा डैम से 93 ग्रामो तथा घोघरी डैम से 163 ग्रामो हेतु समूह नल जल योजना की डी पी आर बना ली गयी है।
वर्धा डेम से 93 ग्रामों को मिलेगा पानी
वर्धा डैम से 93 ग्रामो के लिए समूह नल जल योजना बनाई गई है, इस योजना की लागत राशि रू. 135 करोड़ रुपये है। इस योजना के अंतर्गत वर्धा डैम पर एक इन्टेक वेल का निर्माण कर वहां से 6.18 किमी दूर ग्राम कोल्हया में 12 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट बना कर शुद्ध पेयजल 50000 लीटर से लेकर 250000 लीटर की 54 उच्च स्तरीय टंकियों के माध्यम 93 ग्रामो के प्रत्येक घर मे नल कनेक्शन के माध्यम से प्रदाय किया जावेगा। इस योजना के अंर्तगत 217 किमी क्लियर वाटर पाइप लाइन और 93 गांव के अंदर 585 किमी जल वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। प्रत्येक गांव के पहले एक वाटर मीटर लगाया जावेगा जिससे गांव में प्रतिदिन प्रदाय किये गए पानी की मात्रा सीधे कंट्रोल रूम में प्राप्त होगी। इस योजना का निर्माण करने वाला ठेकेदार इस योजना को 10 साल तक संचालित और संधारित किया जावेगा। गांव के अंदर पेयजलापूर्ति की जिम्मेदारी पेयजल समिति की रहेगी। इस योजना से 20000 परिवारों के 100000 ग्रामीण जनता को सीधे शुद्ध और पर्याप्त पेयजल वर्षभर प्राप्त होगा।
घोघरी डेम से 163 ग्राम होंगे लाभान्वित
इसी प्रकार घोघरी डैम से 163 ग्रामो की समूह पेयजल योजना की स्रश्चह्म् बनाने का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। इस योजना में ताप्ती नदी पर निर्माणाधीन घोघरी डैम से पानी लिया जावेगा और क्षेत्र के 163 ग्रामो के प्रत्येक घर में शुद्ध, स्वच्छ ताप्ती जल पहुंचाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 94 उच्च स्तरीय टंकियों के माध्यम से 685 किमी पाइपलाइन बिछा कर 35000 घरों मे नल कनेक्शन से जोड़े जाएंगे। इस योजना में 20 एम एल डी क्षमता का जल शोधन सयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस योजना की लागत राशि रु 235 करोड़ आंकलित की गई है। इस योजना से 35000 परिवारों के 170000 ग्रामीण जनता को सीधे शुद्ध और पर्याप्त पेयजल वर्षभर प्राप्त होगा। इन दोनों योजनाओं के निर्माण हेतु आवष्यक राषि की षीघ्र स्वीकृति हेतु मंत्री सुखदेव पांसे ने मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से बजट में राशि देने की मांग की गई है जैसे ही राशि दी जाएंगी वैसे ही इतनी बड़ी ऐतिहासिक योजना को मूर्तरूप दिया जा सकेंगा।

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