मध्य प्रदेश में 15 साल में भी नहीं भर पाए बैकलॉग के हजारों पद, फिर बढ़ी तारीख

भोपाल। मध्य प्रदेश में बैकलॉग (अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित) के 15 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए बीते 15 साल से विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है पर भर्ती अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इसी बीच सरकार ने एक बार फिर जून 2020 तक विशेष भर्ती अभियान की तारीख बढ़ा दी है। कांग्रेस जब विपक्ष में थी, तब तत्कालीन सरकार के इस कदम का जोर-शोर से विरोध किया जाता था, लेकिन सत्ता में आते ही खुद वही रास्ता अपना लिया है।
14वीं विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता बाला बच्चन विधानसभा में सवाल लगाकर बैकलॉक के पदों पर भर्ती नहीं होने का मुद्दा उठाया था। तब सरकार की ओर से एक दर्जन से ज्यादा आदेशों की प्रति देकर जवाब दिया गया था कि विशेष अभियान चलाकर खाली पदों को भरने का प्रयास किया जा रहा है। तब से ही यह प्रक्रिया चल रही है।
दिसंबर 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद भी व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं आया। सामान्य प्रशासन विभाग ने एक बार फिर जून 2020 तक विशेष भर्ती अभियान की तारीख बढ़ा दी। सूत्रों का कहना है कि विभागों में 15 हजार से ज्यादा बैकलॉक के पद खाली हैं। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार बनते ही सामान्य प्रशासन विभाग से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन कुछ विभागों ने अभी तक जानकारी नहीं भेजी है। इस कारण अभी तक भर्ती प्रक्रिया में गति नहीं आ पाई है।
व्यापमं से भर्ती की बाध्यता नहीं
सरकार ने भर्ती अभियान में गति नहीं आने की वजह जब विभागों से पता की तो यह बात सामने आई कि व्यापमं कम संख्या होने की वजह से परीक्षा आयोजित नहीं करता है। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने यह व्यवस्था बनाई कि विभाग अपने स्तर पर भी विज्ञापन निकालकर चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर सकते हैं।
यह हो रहा असर
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीते तीन-चार साल में बैकलॉक के पदों की भर्ती नियमित तौर पर चल रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली हैं। खाली पद होने की वजह से कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। मौजूदा स्टाफ को खाली पदों का काम देखना पड़ रहा है। इसकी वजह से गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
इन विभागों में है पद खाली
स्कूल शिक्षा, पुलिस, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य।
निर्देश दिए हैं
हमने सभी विभागों को रिक्त पद भरने के लिए समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकतम आयु सीमा को लेकर भर्ती प्रक्रिया रुक गई थी, जिस पर हाल ही में कैबिनेट ने निर्णय लिया है। सरकार का स्पष्ट मत है कि जब पद स्वीकृत हैं और खाली पड़े हैं तो फिर भर्ती में विलंब नहीं होना चाहिए। प्रत्येक विभाग पदों की जरूरत के हिसाब से रोडमैप बनाए और फिर राज्य लोकसेवा आयोग या प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (व्यापमं) को भर्ती के प्रस्ताव भेजे।
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  • डॉ. गोविंद सिंह, सामान्य प्रशासन मंत्री

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