मध्यप्रदेश में दो-तीन महीने टल सकते हैं नगरीय निकाय चुनाव

भोपाल। प्रदेश के 24 नगरीय निकायों की मतदाता सूची अटक गई है। इसमें 6 नगर निगम, 12 नगर पालिका व 6 नगर परिषद शामिल है। अब इन जिलों में नगरीय निकाय चुनाव के लिए परिसीमन के बाद ही मतदाता सूची का प्रकाशन व संशोधन का कार्य किया जाएगा। 24 जून तक इन निकायों में परिसीमन होना था। चुनाव से छह महीने पहले परिसीमन होना जरूरी है, परिसीमन में देरी होने की वजह से नगरीय निकाय चुनाव दो से तीन माह लेट होने की संभावना भी है। इन नगरीय निकायों के लिए अलग से मतदाता पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
दरअसल, भोपाल सहित प्रदेश के इन नगरीय निकायों में वर्तमान में कई वार्ड ऐसे हैं, जहां की जनसंख्या पड़ोसी वार्ड की तुलना में या तो काफी अधिक है या बहुत कम। नए सिरे से परिसीमन किया जाना है, ताकि एकरूपता आ सके। इसके आधार पर परिसीमन के दौरान वार्डों की सीमाएं घट-बढ़ सकती है।
भोपाल में फिर से कोलार नगर पालिका बनाई जानी है। नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन का काम किया जाना है। लिहाजा परिसीमन को लेकर इस अवधि में की गई प्रशासनिक कवायद के बाद वार्डों में नए सिरे से निर्धारित की गई सीमाओं का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा।
इन नगर निगम में होना है वार्डों की संख्या में विस्तार परिसीमन
नगर निगम भोपाल, कटनी, इंदौर, बुरहानपुर, रीवा, देवास। नगर पालिका परिषद बैरसिया, जिला भोपाल, मंडला, नैनपुर, मलाजखंड जिला बालाघाट, खुरई जिला सागर, खरगोन जिला खरगोन, बड़वाह जिला खरगौन, गंजबासौदा जिला विदिशा, करेली, नरसिंहपुर व गोटेगांव जिला नरसिंहपुर, अशोकनगर जिला अशोकनगर। नगर परिषद निवास जिला मंडला, पाटन जिला जबलपुर, जावर जिला सीहोर, गढ़ाकोटा जिला सागर, जयसिंहनगर जिला शहडोल, मल्हारगढ़ जिला मंदसौर।

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